खंडाला (मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे)। मंगलवार शाम खंडाला घाट में एक गैस टैंकर पलटने के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हादसे के चलते गैस रिसाव हुआ और सुरक्षा कारणों से यातायात रोक दिया गया। इस दौरान कई किलोमीटर लंबा जाम बन गया, जिसमें हजारों वाहन फंस गए और यात्रियों को भोजन, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाईं।
जाम में पिनेकल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी फंस गए थे। पुणे जा रहे मेहता लगभग आठ घंटे तक फंसे रहे और बाद में हेलीकॉप्टर की मदद से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। एक्सप्रेसवे पर हेलीकॉप्टर से निकलते समय अन्य वाहन चालक उन्हें देख सकते थे।
डॉ. मेहता ने सोशल मीडिया पर इस स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा कि पिछले 18 घंटों से लाखों लोग इस एक्सप्रेसवे पर एक ही टैंकर के कारण फंसे हुए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग एग्जिट पॉइंट्स और हेलीपैड बनाए जाने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को जल्दी निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि हेलीपैड बनाने में एक एकड़ से भी कम जमीन और 10 लाख रुपये से कम खर्च आता है।
मेहता ने एविएशन कंसल्टेंट और पूर्व वायुसेना सैनिक नितिन वेल्डे का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने जाम के बीच उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालने का इंतजाम किया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, टैंकर दुर्घटना के 32 घंटे बाद गुरुवार सुबह यातायात को बहाल किया गया। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन कंक्रीट एक्सेस-कंट्रोल्ड टोल एक्सप्रेसवे है, जो 94.5 किलोमीटर लंबा है और मुंबई, रायगढ़ और नवी मुंबई को पुणे से जोड़ता है।
हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ, जिसके बाद व्यस्त मार्ग पर हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।