उत्तराखंड में हाल ही में हुई एचआरटीसी बस दुर्घटना के बाद मौके पर मिले नोटों से भरे बैग को लेकर अफरातफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। वहीं, दुर्घटनास्थल पर मिले तीन लाख बीस हजार रुपये से भरे बैग ने लोगों को लूटपाट और झगड़े के लिए उकसाया।
बताया गया कि कुछ लोग बैग को अपने रिश्तेदार का बताते हुए आपस में लड़ने-झगड़ने लगे। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने स्थिति को देखते हुए बैग को पुलिस के कब्जे में ले लिया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
पुलिस ने बाद में दुर्घटना में घायल व्यक्ति अब्दुल कयूम से फोन पर संपर्क किया। नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल की उपस्थिति और उपमंडलाधिकारी चकराता के सामने बैग घायल यात्री के परिजनों को सौंपा गया। बैग उनकी बेटी सानिया ने प्राप्त किया।
जांच में पाया गया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में मिला काले रंग के कपड़े के बैग में 3 लाख 20 हजार रुपये, अब्दुल का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र मौजूद था। अब्दुल सहारनपुर का निवासी है और नेरवा में क्रॉकरी की दुकान चलाता है।
हादसे के घायलों से प्रशासन ने किया मिलान और राहत राशि वितरित
शिमला जिला प्रशासन की टीम घायलों से मिलने के लिए विकासनगर अस्पताल पहुंची। टीम में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा और नायब तहसीलदार चंद वर्मा शामिल थे। अधिकारियों ने घायलों का हालचाल जाना और उन्हें तत्काल राहत राशि प्रदान की।
जिला प्रशासन के अनुसार, मंगलवार को शिमला के नेरवा से विकासनगर और पांवटा साहिब जा रही एचआरटीसी बस क्वानू के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। हादसे की सूचना पर उपायुक्त अनुपम कश्यप ने तुरंत एक कमेटी का गठन किया और घायलों व मृतकों के परिजनों को राहत राशि वितरित की। इसमें प्रति घायल 5-5 हजार, गंभीर घायलों को 10-10 हजार और मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी सहायता दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना उत्तराखंड में हुई थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियों ने रेस्क्यू और राहत कार्यों में तत्परता दिखाते हुए महत्वपूर्ण मदद की।