बिजनौर के धामपुर तहसील क्षेत्र में बड़ी संख्या में फार्म-7 (मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले फॉर्म) मिलने का मामला सामने आया है। इसे लेकर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नहटौर और धामपुर विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 50 हजार से अधिक फॉर्म-7 फर्जी तरीके से भरे गए, ताकि वोट काटे जा सकें। आरोप लगाया गया कि यह प्रशासन और सत्ता पक्ष के दबाव में विशेष राजनीतिक दलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा है।
आजाद समाज पार्टी के मंडल महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य विवेक सेन के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील में इकट्ठा हुए। उन्होंने बताया कि नहटौर में लगभग 30 हजार और धामपुर में 20 हजार फॉर्म एकत्रित किए गए थे। उन्होंने इन फॉर्मों के बंडल वाले कमरे का ताला लगाकर चाबी पुलिस को सौंप दी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और चेताया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना था कि मुस्लिम, अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के लोगों के वोट काटने के लिए यह फर्जी प्रक्रिया लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर हमला है।
तहसीलदार धनराज कुमार से सवाल किए गए कि जब किसी ने अपने क्षेत्र के बीएलओ के जरिए फार्म नहीं भरे, तो तहसील में इतनी बड़ी संख्या में फार्म कैसे पहुंच गई। तहसीलदार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम बिजनौर जसजीत कौर ने बताया कि फार्म-7 आपत्ति दर्ज कराने के लिए हैं और किसी भी विधानसभा क्षेत्र का व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके बाद वोट सीधे नहीं कटते, बल्कि संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाता है।
मोहल्ला मिर्दगान, नहटौर के मोहम्मद फारूख ने भी धामपुर पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज कर 50 से अधिक लोगों के वोट काटने की कोशिश की गई। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। सीओ अभय कुमार पांडेय ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।