चंडीगढ़। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए 17 नई मेडिकल प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का विस्तार करते हुए अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसके दायरे में लाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस फैसले से उन जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर होगी, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है या सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव अधिक रहता है।

सरकारी अस्पतालों पर दबाव होगा कम

मंत्री के अनुसार, नई प्रक्रियाओं के जुड़ने से बड़े सरकारी अस्पतालों में भीड़ कम होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। अब लोगों को कई सामान्य सर्जरी के लिए दूर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि नजदीकी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ही इलाज उपलब्ध होगा।

ईएनटी और जनरल सर्जरी में बड़ा विस्तार

नई सूची में कान, नाक और गला (ENT) से जुड़ी कई प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं। इनमें नाक की हड्डी का फ्रैक्चर सेट करना और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन शामिल हैं, जो खासकर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

जनरल सर्जरी के तहत भी बड़ा विस्तार किया गया है। अब हाइड्रोसील, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और गॉल ब्लैडर की ओपन व लैप्रोस्कोपिक सर्जरी योजना के अंतर्गत की जा सकेंगी।

महिला स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

महिला स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को भी नई सूची में विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसमें 12 सप्ताह से अधिक अवधि का गर्भपात, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं के इलाज के लिए भर्ती, और संवेदनशील मामलों में एनेस्थीसिया के तहत जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इससे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को समय पर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

आंख और हड्डी रोगों में भी राहत

नेत्र रोगों के तहत अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी प्रक्रियाएं भी शामिल कर ली गई हैं। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों के लिए टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों और टखने के फ्रैक्चर की सर्जरी को भी मंजूरी दी गई है।

योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, योजना के तहत करीब 65 लाख परिवार कवर किए जा चुके हैं। फिलहाल 824 अस्पताल (सरकारी, केंद्र सरकार और निजी सूचीबद्ध अस्पताल) इस योजना के तहत सेवाएं दे रहे हैं।

अब तक इस योजना में लगभग 2,300 बीमारियां और मेडिकल प्रक्रियाएं शामिल की जा चुकी हैं, जिससे लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।