नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत सरकार ने मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए भारतीय जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अब तक 11 भारत-गामी जहाज सुरक्षित रूप से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं। वहीं कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में हुए गैस संयंत्र हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय ध्वज वाले 10 जहाज मौजूद हैं, जबकि दो अन्य भारतीय जहाज हाल ही में इस क्षेत्र में पहुंचे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि समुद्री गतिविधियां अभी भी जारी हैं और व्यापारिक मार्ग पूरी तरह बाधित नहीं हुए हैं।

11 भारत-गामी जहाजों ने सुरक्षित पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य

मंत्रालय के अनुसार, 17 जून के बाद से अब तक 11 जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हुए हैं। इनमें तीन भारतीय कच्चा तेल टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में लगभग 2.85 लाख मीट्रिक टन तेल लदा हुआ है। इसके अलावा एलपीजी वाहक, विदेशी ध्वज वाले तेल टैंकर और उर्वरक ढोने वाले कई मालवाहक जहाज भी इस मार्ग से सुरक्षित निकले हैं। भारत सरकार ने कहा कि क्षेत्रीय हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को भारत का जवाब

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा दिए गए बयान पर भी भारत ने कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे बयान देकर अपनी आंतरिक समस्याओं और मानवाधिकार संबंधी मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों और दावों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

मंत्रालय ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता लंबे समय से आर्थिक बदहाली, अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दबाव का सामना कर रही है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान स्थानीय नागरिकों पर प्रतिबंधात्मक कदम उठा रहा है और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित कर रहा है।

कतर गैस प्लांट हादसे में 12 भारतीयों की मौत

विदेश मंत्रालय ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए गैस संयंत्र विस्फोट को बेहद दुखद घटना बताया। सरकार के मुताबिक इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान गई है, जबकि कई अन्य देशों के नागरिक भी इसकी चपेट में आए हैं। कुल 66 लोगों के घायल होने की सूचना है।

भारत सरकार ने बताया कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। मृतकों की पहचान, उनके पार्थिव शरीरों को भारत लाने और परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भारत-चीन संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत

विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई हालिया बैठक की जानकारी भी साझा की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

बैठक के दौरान सीमा क्षेत्रों में स्थिरता, आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच संतुलित और स्थिर संबंध क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण हैं।

बांग्लादेशी सलाहकार को प्रवेश की अनुमति, फिर लौटे ढाका

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार जाहेद उर रहमान को भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने स्वयं वापस ढाका लौटने का निर्णय लिया। मंत्रालय के अनुसार, वह एक क्षेत्रीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें प्रवेश की मंजूरी भी मिल गई थी।

ब्रिक्स बैठक में आतंकवाद और नई चुनौतियों पर मंथन

ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, उभरती तकनीकों से जुड़े खतरों और अन्य गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान अजीत डोभाल ने कई सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर अपने साझेदार देशों के साथ सक्रिय संवाद बनाए हुए है और बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहा है।