केंद्र सरकार ने राजस्थान के किसानों और किसान महापंचायत अध्यक्ष रामपाल जाट की बड़ी मांग मानते हुए राजस्थान सरकार को चिट्ठी लिखकर किसानों से MSP पर 25 क्विंटल की जगह 40 क्विंटल तक चना खरीद करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि पंत भवन में कृषि डायरेक्टर कुंजीलाल मीणा और राजफेड एमडी सुषमा अरोड़ा ने रामपाल जाट का अनशन तुड़वाया। जिसकी पोस्ट रामपाल जाट ने सोशल मीडिया पर डालकर किसानों को मैसेज दिया। राजस्थान राज्य क्रय विक्रय संघ लिमिटेड एमडी IAS उर्मिला राजोरिया ने इसके बाद आदेश निकाला, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत साल 2023-24 में किसानों से अधिकतम चना खरीद 25 क्विंटल के स्थान पर 40 क्विंटल तक करने का निर्णय लिया है।
चना खरीद करने की स्वीकृति दी
भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के उप सचिव ने हाल ही में 28 अप्रैल 2023 को एक पत्र लिखकर किसानों से एक दिन में चना खरीद की सीमा 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल तक करने, किसान द्वारा बोए गए रकबे की गिरदावरी के अनुपात और किसान के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार चना खरीद करने की स्वीकृति दी है। राज्य में संबंधित खरीद केंद्रों पर एमएसपी योजना के तहत खरीद सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं।
साल 2020 में 500 ट्रैक्टरों के साथ दूदू से दिल्ली कूच किया था
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने साल 2020 में 500 ट्रैक्टरों के साथ दूदू से दिल्ली कूच किया था। प्रशासन ने दिल्ली कूच को महला गांव के पास रोका, तो चना खरीद मामले में सरकार की हठधर्मिता के कारण जाट ने अनशन शुरू कर किया। तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा के आश्वासन के बाद जाट ने अनशन खत्म किया। लेकिन किसानों को राहत नहीं दिए जाने के कारण किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाने को लेकर 24 फरवरी 2023 को 5 मार्गों से जयपुर विधानसभा घेराव के लिए पैदल कूच किया। यही नहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी एक दिवसीय उपवास 101 किसानों के साथ किया था।
सरसों और मूंग से 25 फीसदी खरीद का राइडर हटाया जाए- रामपाल जाट
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मांग की है कि केंद्र सरकार जल्द ही राजस्थान के किसानों को राहत पहुंचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 40 प्रतिशत सरसों की भी खरीदी करें। सरकार को पाम ऑयल आयातित तेल पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाने के लिए पत्र नहीं लिखा जा रहा है। इस कारण सांसदों के प्रति राजस्थान के किसानों में भी रोष पैदा हो रहा है। रामपाल जाट ने कहा-चना की तरह ही किसानों को राहत करने के लिए सरसों और मूंग से भी 25 फीसदी खरीद का राइडर हटाया जाए।