जयपुर। राजधानी जयपुर में गुरुवार को ‘ओरण बचाओ’ पदयात्रा के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। यह पदयात्रा बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में निकाली जा रही थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश में ओरण (पारंपरिक चारागाह और संरक्षित वन क्षेत्र) भूमि के संरक्षण को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
सीएम आवास से पहले रोकी गई पदयात्रा
सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन से शुरू हुई इस पदयात्रा में जैसलमेर समेत कई जिलों से सैकड़ों लोग शामिल हुए। यात्रा जैसे ही मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ी, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे भवानी निकेतन के पास ही रोक दिया।
इसके बाद आगे बढ़ने को लेकर हुई कोशिशों के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हुई, जिसके बाद भीड़ वहीं धरने पर बैठ गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विधायक भाटी ने लगाए सरकार पर आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुजुर्ग अपनी मांगों को लेकर जयपुर पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें न्याय के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ओरण भूमि का बड़ा हिस्सा अभी तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, जिसके कारण अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसका असर पर्यावरण के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आजीविका पर भी पड़ रहा है।
भाटी ने यह भी कहा कि कई जगहों पर बड़े उद्योगों द्वारा अतिक्रमण के मामलों में सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने खेजड़ी पेड़ों के संरक्षण और गोचर भूमि की सुरक्षा की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सरकार ने पहले इन मुद्दों पर कानून बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
आंदोलनकारियों के अनुसार यह पदयात्रा 21 जनवरी को तनोट माता मंदिर से शुरू हुई थी और इसमें शामिल लोग नंगे पैर लंबी दूरी तय कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।