चूरू के सुजानगढ़ में रहने वाला डेढ़ साल का बच्चा कैंसर जैसी भयावह बीमारी से पहले ही लड़ रहा था कि अब उसे म्यूकोरमाइकाेसिस यानी ब्लैक फंगस भी हो गया है। सामान्य ट्रीटमेंट काम नहीं करने के बाद उसे कैंसर अस्पताल से ब्लैक फंगस के लिए बने विशेष वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
बीकानेर के कैंसर रिसर्च सेंटर में भर्ती इस डेढ़ साल के बच्चे को पिछले दिनों यहां लाया गया। सामान्य जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया गया। इस दाैरान उसके नाक व होंठ के पास ब्लैक स्पॉट नजर आया। बच्चे की सामान्य जांच के बाद उसे ट्रीटमेंट दिया गया लेकिन असर नहीं हुआ। इस पर PBM अस्पताल में हाल ही में स्थापित ब्लैक फंगस वार्ड में शिफ्ट किया गया। राज्य सरकार ने ब्लैक फंगस इलाज के लिए अभी एम्फोटेरिसिन बी के इंजेक्शन उपलब्ध कराए हैं, ये इंजेक्शन ही इस बच्चे को दिए जा रहे हैं।
अभी कई तरह की जांच शेष
इस बच्चे की एमआरआई सहित कई तरह की फंगस जांच होना अभी शेष है। फंगस जांच होने के बाद ही उसका आगे का इलाज किया जा सकेगा। दरअसल, डॉक्टर्स यह पता लगाने में जुटे हैं कि हाेंठ व नाक में कितनी गहराई तक फंगस पहुंच गया है। उसी आधार पर उसका इलाज किया जायेगा। जल्द ही इसका ऑपरेशन भी हो सकता है।
कोरोना नहीं है इस बच्चे को
फिलहाल ज्यादातर ब्लैक फंगस के मामले पोस्ट कोविड में आ रहे हैं लेकिन इस बच्चे को कोरोना नहीं हुआ था। उसकी हाल ही में की गई रिपोर्ट भी निगेटिव बताई जा रही है। परिवार में भी किसी को कोरोना अभी नहीं हुआ है। ऐसे में यह पोस्ट कोविड का साइड इफेक्ट नहीं है।