कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कर्नाटक की राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाता सूची सुधार अभियान (SIR) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग ने सभी फॉर्म 4 दिसंबर से पहले भरने की समयसीमा तय की है। पायलट ने बताया, “चाहत यह है कि SIR जल्दी पूरी हो जाए, जैसे बिहार में किया गया। लेकिन हम इसे सावधानीपूर्वक पूरा कर रहे हैं। भाजपा के नेता, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री लगातार अवैध प्रवासियों को बाहर करने की बात करते रहे हैं। सवाल यह है कि पिछले 11 वर्षों में कितने अवैध प्रवासी देश से निकाले गए?”
#WATCH | Tonk, Rajasthan: On SIR, Congress leader Sachin Pilot says, "This visit is important because the Election Commission has set a deadline to fill all forms before the 4th...they want to complete SIR here quickly, just like they did in Bihar. But here we are taking diligent… pic.twitter.com/eJY9XlLeHD
— ANI (@ANI) November 30, 2025
पायलट ने आगे कहा, “चुनाव के समय प्रवासियों का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन असल में किसके वोट प्रभावित हो रहे हैं? गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासी। संविधान ने इन्हें वोट का अधिकार दिया है, और अगर इनके नाम हटाए जाते हैं तो लोकतंत्र को नुकसान पहुंचता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार मिले। यह पहला SIR नहीं है और कई BLO मानसिक दबाव में हैं, जिससे आत्महत्या की घटनाएं सामने आती हैं। इसलिए काम निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।”
कर्नाटक में मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रहे विवाद पर पायलट ने कहा, “जो आप देख और सुन रहे हैं, उसका वास्तविक मामला कुछ और है। राज्य अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने मिलकर सरकार बनाई और अब इसे साथ में चलाकर सफल बनाएंगे।” पायलट ने जोर देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।