नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी रक्षा तकनीकी क्षेत्र को मजबूती देते हुए कंपनी Hoverit ने राजस्थान के जोधपुर में अपने टैक्टिकल लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम Divyastra Mk-1 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया, जिससे इसकी ऑपरेशनल क्षमता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन संभव हो सका।

परीक्षण के दौरान Divyastra Mk-1 को एक वाहन-आधारित मोबाइल लॉन्चर से कई बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस पूरी प्रक्रिया ने सिस्टम की तेज़ तैनाती और युद्ध जैसी परिस्थितियों में तुरंत उपयोग किए जाने की क्षमता को प्रदर्शित किया।

Divyastra Mk-1 क्या है?

Divyastra Mk-1 एक स्वदेशी रूप से विकसित टैक्टिकल अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) है, जिसे मुख्य रूप से इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस (ISR) और सटीक लक्ष्य पर प्रहार जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।

इसका उद्देश्य आधुनिक युद्धक्षेत्र में तेज़ प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी और सटीक हमले की क्षमता को एक साथ उपलब्ध कराना है। परीक्षण के दौरान इसकी गतिशील ISR क्षमता और वास्तविक समय में टोही मिशन को सपोर्ट करने की योग्यता भी सामने आई।

आज के समय में रक्षा प्रणालियों में लागत-प्रभावशीलता भी एक महत्वपूर्ण पहलू बन चुकी है। जहां पारंपरिक क्रूज मिसाइलें अत्यधिक महंगी और सीमित उपयोग वाली होती हैं, वहीं Divyastra Mk-1 जैसे लोइटरिंग म्यूनिशन बड़े पैमाने पर और रणनीतिक रूप से अधिक लचीले विकल्प के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

तकनीकी क्षमता और विशेषताएं

Divyastra Mk-1 की परिचालन क्षमता लगभग 500 किलोमीटर तक बताई गई है और यह लगभग 5 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह 300 से 400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लक्ष्य की ओर बढ़ने में सक्षम है और लगभग 15 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है।

यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वार्म टेक्नोलॉजी से भी लैस है, जिससे यह विभिन्न मिशन परिस्थितियों में समन्वित हमला, निगरानी और डिकॉय ऑपरेशन जैसे कार्य कर सकता है।

इसके अतिरिक्त, इसे अलग-अलग मिशन आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया जा सकता है। इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) पेलोड, संचार रिले सिस्टम और विभिन्न प्रकार के वॉरहेड कॉन्फ़िगरेशन जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे यह अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों में प्रभावी साबित हो सकता है।