हनुमानगढ़ के बाद अब बीकानेर और चूरू में भी अमृतपाल सिंह की तलाश शुरू हो गई है। बीकानेर एसपी तेजस्वनी गौतम का कहना है कि अमृतपाल के बीकानेर में छिपे होने की पॉसिबिलिटी है, लेकिन फिलहाल कोई इनपुट नहीं है। हालांकि बीकानेर में कई जगह नाकाबंदी कर गाड़ियों की छानबीन की रही है।
दरअसल, केंद्रीय एजेंसियों ने बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश को अलर्ट किया था कि बीकानेर रेंज में अमृतपाल आ सकता है। इसी आधार पर आईजी ने रेंज के हनुमानगढ़ के कुछ गांवों में दबिश और नाकाबंदी कार्रवाई थी। इसके बाद बीकानेर और चूरू जिले में भी नाकाबंदी कराई गई है। हालांकि कहीं से कोई पुख्ता जानकारी अमृतपाल के बारे में नहीं मिली है। कुछ सीसीटीवी फुटेज पर भी पुलिस काम कर रही है। पुलिस के पास संदिग्ध व्यक्ति के फुटेज हैं। ये भी बताया जा रहा है कि बीकानेर में पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं, जो इधर-उधर अमृतपाल की तलाश कर रही हैं।
फिलहाल कोई इनपुट नहीं: तेजस्वनी
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि बीकानेर के पास ऐसा कोई इनपुट नहीं आया है। आईजी ने बीकानेर और चूरू में कई जगह नाकाबंदी कराई है। बीकानेर में कोई बाहरी टीम आकर पड़ताल नहीं कर रही है। एसपी से जब बीकानेर में पूर्व में संदिग्धों की धरपकड़ की बात कही तो उन्होंने कहा- बीकानेर में होने की पॉसिबिलिटी हो सकती है, लेकिन फिलहाल अमृतपाल के बारे में कोई इनपुट नहीं आया है।
बीकानेर में यहां खास नजर
दरअसल, बीकानेर भारत-पाकिस्तान का बॉर्डर एरिया है। ऐसे में यहां बॉर्डर से लगे गांवों में छिपने की ज्यादा आशंका रहती है। श्रीकोलायत, बीकानेर शहर के निकटवर्ती गांव, बज्जू, महाजन, अरजनसर, छत्तरगढ़, खाजूवाला सहित अनेक ऐसे कस्बे हैं। इनके दर्जनों गांवों में आने-जाने का सीधा रास्ता तक नहीं है। ऐसे में कई बार अपराधी इन्हीं एरिया में छिप जाते हैं। जेल से फरार हुए कई बदमाश भी पुलिस को बज्जू में ही मिले थे। मुख्य कस्बों के बजाय इनके पास के गांवों पर पुलिस की खास नजर हो सकती है।
विदेश से फंडिंग का शक, NIA की एंट्री संभव
अमृतपाल के लिंक ISI के साथ जुड़े होने के प्रारंभिक संकेत मिलने के बाद केंद्र सरकार भी अलर्ट हुई। अमृतपाल को विदेश से फंडिंग मिलने का शक है। उसके महंगी गाड़ियों में सफर करने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में इस केस में जल्दी ही NIA की एंट्री हो सकती है।