उदयपुर। री-नीट परीक्षा से कुछ दिन पहले राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर छात्रों से ठगी कर रहा था। आरोपी ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल चलाकर नीट का कथित पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन, संदिग्ध अध्ययन सामग्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय आकाश चौधरी को प्रतापनगर थाना क्षेत्र के पटेल नगर स्थित उसके घर पर देर रात दबिश देकर पकड़ा गया। वह मूल रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और हाल ही में जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी वीपीएन और प्रॉक्सी नेटवर्क का उपयोग कर टेलीग्राम चैनल चला रहा था, जिसमें करीब 52 सदस्य जुड़े हुए थे। वह नीट की किताबों के पन्नों को स्कैन कर नकली प्रश्नपत्र तैयार करता और उन्हें असली पेपर बताकर छात्रों से चार हजार रुपये तक वसूलता था। भुगतान वह क्यूआर कोड के जरिए अपने बैंक खाते में लेता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल उसके मोबाइल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी में और कौन लोग शामिल हैं और कितने छात्र प्रभावित हुए हैं।
इधर, एनटीए ने 20 जून को देशभर में मॉक ड्रिल कराने की घोषणा की है, जो री-नीट की दोबारा परीक्षा से एक दिन पहले होगी। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसे कथित अनियमितताओं के चलते रद्द कर दिया गया था। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है।
सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है। परीक्षा में देश-विदेश के करीब 23 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। एनटीए की ओर से छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और जरूरी निर्देशों के लिए लगातार एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सऐप अलर्ट भेजे जा रहे हैं।