नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नया कदम उठाया है। एजेंसी ने छात्रों के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल शुरू किया है, जिसके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी जरूरी सूचनाएं सीधे उम्मीदवारों तक पहुंचाई जाएंगी।
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश केवल सत्यापित नंबर +91-7827980287 से ही जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने छात्रों को सलाह दी है कि किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले व्हाट्सएप पर मौजूद ब्लू टिक और एनटीए के नाम की पुष्टि अवश्य करें, ताकि किसी तरह की फर्जी सूचना या धोखाधड़ी से बचा जा सके।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी जानकारी में एनटीए ने बताया कि जिन उम्मीदवारों ने 21 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए अपना नया एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लिया है, उन्हें इसे दोबारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है।
एजेंसी के अनुसार, वर्तमान में एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए केवल उन अभ्यर्थियों को संदेश भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने अब तक अपना नया प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं किया है। एनटीए ने यह भी जानकारी दी कि अब तक करीब 20 लाख उम्मीदवार एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं, जबकि इस वर्ष परीक्षा के लिए लगभग 22 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड पुनर्परीक्षा में मान्य नहीं होंगे। पुनर्परीक्षा के लिए कई छात्रों को नए परीक्षा केंद्र और अलग-अलग शहर आवंटित किए गए हैं, इसलिए नए प्रवेश पत्र का उपयोग करना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र बदलने का विकल्प भी दिया गया था, जिसका बड़ी संख्या में छात्रों ने लाभ उठाया।
एनटीए ने छात्रों को आधिकारिक संचार माध्यमों के बारे में भी जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, असली एसएमएस केवल 'NICPEP' सेंडर आईडी से भेजे जाएंगे, जबकि आधिकारिक ईमेल 'no-reply.neet.nta@nic.in' से प्राप्त होंगे।
साथ ही एजेंसी ने दोहराया कि नीट से जुड़ी सभी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in का ही उपयोग किया जाए। छात्रों को किसी भी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत वेबसाइट से दूर रहने की सलाह दी गई है।
एनटीए ने यह भी साफ किया कि व्हाट्सएप सेवा केवल सूचना प्रसारण के लिए है। यह चैनल किसी भी अभ्यर्थी से जवाब, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, व्यक्तिगत विवरण या किसी प्रकार का भुगतान नहीं मांगेगा। यदि कोई व्यक्ति या संदेश एनटीए के नाम पर ऐसी जानकारी मांगता है, तो उसे फर्जी माना जाए।