करौली के सपोटरा स्थित हाडोती में मस्तराम मीणा हत्याकांड मामले का खुलासा करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित परिजनों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। मंगलवार से शुरू हुआ धरना दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा।
अधिकारियों ने मौका मुआयना किया
करौली कलेक्ट्रेट के बाहर मृतक मस्तराम मीणा के परिजन धरने पर बैठे हैं। मामले में जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। मृतक मस्तराम के चाचा मुरारी लाल मीणा ने बताया कि 25 जुलाई 2022 को मस्तराम शौच के लिए घर से निकला था और वापस घर नहीं लौटा।
29 जुलाई को सुबह क्षेत्र के लोगों को गांव चैचड़ा की ढाणी हाड़ोती में पीलू के पेड़ के नीचे मिट्टी में दबा हुआ मस्तराम का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने सपोटरा थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया। लेकिन अब तक मामले का खुलासा नहीं होने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है।
9 माह बाद तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
परिजनों का कहना है कि बार-बार पुलिस अधिकारियों से मामले में कार्रवाई करने की मांग की गई। लेकिन 9 महीने बाद तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार द्वारा जिला कलेक्ट्रेट के बाहर मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की गई है। धरना बुधवार को भी जारी रहा।