बुलंदशहर: एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मेरठ मंडी समिति से जुड़े मंडी निरीक्षक नाहर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद मंडी विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

खुर्जा मंडी के प्रभारी सचिव भी थे नाहर सिंह

जानकारी के अनुसार, नाहर सिंह को करीब पांच महीने पहले खुर्जा मंडी में प्रभारी सचिव के रूप में तैनात किया गया था। इसके साथ ही उनके पास बुलंदशहर मंडी का अतिरिक्त प्रभार भी था। हालांकि उनका वेतन अब भी मेरठ मंडी समिति से ही जारी हो रहा था।

पहले भी लग चुके हैं रिश्वत के आरोप

सूत्रों के मुताबिक, नाहर सिंह का कार्यकाल पहले भी विवादों में रहा है। मेरठ और गाजियाबाद में तैनाती के दौरान उन पर व्यापारियों से रिश्वत मांगने के आरोप लग चुके हैं। उस समय फल मंडी के व्यापारियों ने लिखित शिकायतें भी दी थीं, हालांकि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

तीन दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई से हड़कंप

मंडी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह तीन दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले शिकारपुर मंडी के प्रभारी सचिव को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विभागीय स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।