उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकारियों के बीच चार धाम यात्रा के लिए बरेली मंडल से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पर चर्चा तेज हो गई है। इसके लिए बदायूं जिले के बिनावर में गंगा एक्सप्रेसवे के पास हेलीपैड तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। इससे न केवल बरेली मंडल, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा के लिए बरेली मंडल से निकलते हैं। लंबे समय से यहां हेलीकॉप्टर सेवा की मांग उठती रही है, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु भी आराम से यात्रा कर सकें। इस दिशा में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने पहल की थी और अब यह योजना तेजी से आकार ले रही है।
उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद नया प्रस्ताव तैयार हुआ है। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे के पास बिनावर में हेलीपैड बनाने का सुझाव शामिल है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला है। कमिश्नर का मानना है कि यदि हेलीपैड इसी मार्ग के पास बनेगा, तो उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे पूर्वी यूपी के जिले भी सेवा का लाभ उठा पाएंगे।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
वर्तमान में चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सिंगल इंजन वाले हैं। बरेली मंडल से डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर संचालित करने की योजना है। हालांकि यह अधिक महंगा होगा, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना जाता है। डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर में मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाले उपकरण मौजूद होते हैं, जबकि सिंगल इंजन वाले में यह सुविधा नहीं होती। यही कारण पिछले साल के कुछ हादसों में भी देखा गया था।
गुप्तकाशी तक सीधी उड़ान
बिनावर हेलीपैड से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर सीधे गुप्तकाशी पहुंचेंगे। वहां से श्रद्धालुओं को केदारनाथ और अन्य चार धाम स्थलों के लिए दूसरे हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी। बरेली से बिनावर की दूरी लगभग 36 किलोमीटर है।
भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि हेलीकॉप्टर सुविधा के लिए उत्तराखंड के अधिकारियों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है। बिनावर हेलीपैड विकसित होने के बाद न केवल रुहेलखंड, बल्कि मेरठ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु भी चार धाम यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।