लखनऊ। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे प्रदेश में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के 27 से अधिक जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
करीब 10 बजे अंधेरा छा गया और देखते ही देखते वर्षा शुरू हो गई। यह मौसमी सीजन की पहली बारिश मानी जा रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
राजधानी और आसपास के जिलों में चेतावनी
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्यांचल और बुंदेलखंड में तेज हवा और गरज-चमक का असर रहेगा। राजधानी लखनऊ में शनिवार को वज्रपात के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में लगभग सात डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
गुरुवार को वाराणसी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ओलावृष्टि के पूर्वानुमान वाले जिले
मौसम विभाग ने फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, बांदा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बदायूं, जालौन और हमीरपुर में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
फसलों को खतरा
बेमौसम बारिश और तेज हवा से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने का अंदेशा है, क्योंकि यह पकने के कगार पर है और तेज हवाओं से गिर रही है। इसके अलावा सरसों, मटर, आलू और आम के बौर (मंजरी) को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह बेमौसम बारिश फसल की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है, लेकिन सोमवार से मौसम सामान्य होने की संभावना है।