संभल में रमजान के अंतिम जुमे की अलविदा नमाज शुक्रवार को अदा की जाएगी, जबकि शनिवार को ईद उल फितर मनाई जाएगी। त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन निगरानी, मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस फोर्स तैनात की जा रही है।

डीएम और एसपी ने ली तैयारियों का जायजा

सुरक्षा और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए संभल के डीएम और एसपी ने शहर का दौरा किया। इससे पहले गुरुवार की शाम उन्होंने जनसंवाद कर सभी से त्योहार को शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।

मुख्य मार्गों पर स्थित मस्जिदों के आसपास ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। डीएम ने बताया कि संभल शहर में कुल 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और जिले के प्रत्येक थाने पर एक मजिस्ट्रेट जिम्मेदारी संभालेंगे। पीस कमेटी की बैठकों में नई परंपराओं को लागू न करने की हिदायत पहले ही दी जा चुकी है।

चौकसी और निगरानी

पुलिस के साथ पीएसी और आरआरएफ को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी टीम सक्रिय है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा, “किसी ने अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने का प्रयास किया तो सख्ती से निपटा जाएगा। त्योहार को पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए।”

जामा मस्जिद पर नहीं होगी सजावट

संभल की जामा मस्जिद को इस बार सजाया नहीं जाएगा। मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने बताया कि प्रशासन ने पुताई और रंगाई के लिए अनुमति रमजान से पहले मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। एएसआई से भी संपर्क किया गया, लेकिन सफल नहीं हुआ।

पिछले वर्ष 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान विवाद हुआ था और मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। इसी कारण इस बार मस्जिद की पुताई और सजावट नहीं की जाएगी।