आगरा। ताजगंज इलाके में मंगलवार दोपहर से लापता आठ वर्षीय बच्ची प्रज्ञा की बुधवार देर रात हत्या का मामला सामने आया। पुलिस ने आरोपी किरायेदार युवक के कमरे की तलाशी लेने के बाद बच्ची का शव आटे से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पाया। शुरुआती जांच में पता चला कि बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई थी।

प्रज्ञा के परिजनों और मोहल्ले के लोगों में घटना के तुरंत बाद भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया और कुछ वाहनों पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आसपास के थानों से पुलिस फोर्स बुलाया गया।

प्रज्ञा के पिता दिनेश कुमार ताजगंज के सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी क्षेत्र में जूता कारखाना चलाते हैं। उनकी बेटी कक्षा एक की छात्रा थी। मंगलवार दोपहर दो बजे बच्ची घर के बाहर खेल रही थी और अचानक लापता हो गई। शुरू में परिजनों को लगा कि वह ट्यूशन पढ़ने गई होगी, लेकिन जब शाम पांच बजे तक वह वापस नहीं लौटी, तो उन्होंने ताजगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो बच्ची को दोपहर दो बजे के आसपास दुकान की ओर जाते हुए देखा गया। इसके बाद बुधवार रात 11 बजे पुलिस ने दिनेश कुमार के मकान में किराए पर रहने वाले युवक सुनील के कमरे की तलाशी ली और बच्ची का शव आटे के ड्रम में दबा पाया।

हत्या की खबर मिलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने मुगल पुलिया के पास जाम लगाया और पथराव किया। पुलिसकर्मियों को स्थिति काबू में करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी की अभी भी तलाश जारी है।