समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से रविवार को पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सामाजिक सौहार्द बनाए रखें और अपने आचरण में संयम बरतें। उन्होंने कहा कि किसी भी बयान या व्यवहार से ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे किसी वर्ग या व्यक्ति की भावनाएं आहत हों।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करते हुए ही सामाजिक न्याय आधारित व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के साथ-साथ पीड़ित अगड़े वर्ग और महिलाओं को जोड़कर ही सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि इसी एकता के बल पर 2027 में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकता है।

इसी बीच अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को छोटे व्यापारियों और सुनारों के लिए नुकसानदायक बताया।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से छोटे सुनारों का कारोबार प्रभावित होगा, जबकि बड़े कॉर्पोरेट समूहों को फायदा मिलने की संभावना है। उनके अनुसार, पहले से ही छोटे ज्वेलर्स बड़ी कंपनियों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा में संघर्ष कर रहे थे, और अब नई नीतियों से उनकी स्थिति और कमजोर हो सकती है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां छोटे कारोबारियों को कमजोर कर रही हैं और इससे आम जनता पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।