लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (पूर्व में मनरेगा) के तहत कार्य समय में बदलाव किया गया है। अब श्रमिकों से काम केवल सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3 बजे से 6 बजे तक कराया जाएगा। दिन के सबसे गर्म समय में कार्य पूरी तरह बंद रहेगा, ताकि श्रमिकों को लू और तेज धूप के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में मनरेगा के तहत कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार सभी कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छायादार स्थान, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लू या गर्मी से प्रभावित किसी भी श्रमिक को तुरंत चिकित्सा सहायता मिले।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जी रामजी योजना (पूर्व मनरेगा) के अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों में संशोधित समय-सारिणी का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके।