शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव नगला बिलौटिया में रविवार को उस समय तनाव फैल गया जब बीएससी के एक छात्र का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान 20 वर्षीय अतिन कुमार के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति से था। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक दिन पहले कुछ युवकों ने जाति पूछकर उसके साथ मारपीट की थी, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और लोगों ने शव को उठाने का विरोध किया। स्थिति को देखते हुए करीब ढाई घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। बाद में भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया और हालात को नियंत्रित किया गया।

पुलिस ने मृतक के पिता अजय कुमार की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाइब्रेरी संचालक अतुल सिकेरा, ध्रुव यादव और ऋतिक यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार अतिन नौशहरा स्थित एक डिग्री कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था और पढ़ाई के साथ परिवार की आर्थिक मदद के लिए काम भी करता था। वह रोजाना शाम को परतापुर चौराहे के पास स्थित आरएम लाइब्रेरी में पढ़ने जाता था। परिजनों का आरोप है कि शनिवार को लाइब्रेरी में कुछ युवकों ने उस पर एक युवती को परेशान करने का आरोप लगाया और उसे बाहर ले जाकर जाति पूछते हुए मारपीट की गई।

बताया जा रहा है कि मारपीट के बाद उसका एक साथी उसे घर छोड़कर गया था। रविवार सुबह उसका शव घर में फंदे से लटका मिला, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं और उसकी एक उंगली टूटी हुई थी, जो मारपीट की पुष्टि करती है।

पिता का आरोप है कि लाइब्रेरी संचालक ने जाति पूछकर न सिर्फ अपमानित किया, बल्कि कुछ लोगों से मिलकर उनके बेटे के साथ मारपीट कराई। पुलिस अब मामले में लाइब्रेरी संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि संचालन नियमों के अनुसार था या नहीं।

फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।