लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एलपीजी संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि देश में रसोई गैस की कमी अब जानलेवा बनती जा रही है। फर्रुखाबाद में सिलिंडर की लंबी लाइन में खड़े एक बुजुर्ग की मृत्यु हो गई, जबकि गाजीपुर में धूप में खड़े अन्य बुजुर्ग बेहोश हो गए। देश के कई अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

शनिवार को जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि लंबी-लंबी लाइनें लगने और सिलिंडरों की कमी के कारण छोटे व्यवसाय और दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं। चाय-समोसा की दुकानों से लेकर बड़े होटल तक बंद हो गए हैं, जिससे उनका रोजगार खतरे में है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि यह रसोई गैस संकट भाजपा सरकार की नाकामी का परिणाम है।

सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर जातीय भेदभाव का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि हर जिले और गांव में यह चर्चा है कि जातिगत आधार पर अपने ही जाति के अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, जिससे स्वजातीय माफियाओं और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।

उन्होंने कुछ हालिया मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इसी वजह से जौनपुर में एक ड्राइवर को गर्दन पर पैर रखकर मार दिया गया और बदायूं में दो लोगों को गोली मार दी गई। एक मां ने बताया कि उसके बेटे ने अपनी जान बचाने के लिए डीएम, एसपी और विधायक से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि रसोई गैस की कमी और सरकारी उपेक्षा से आम जनता के साथ ही छोटे व्यवसाय और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।