इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
क्या था मामला?
यह विवाद राहुल गांधी के एक बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने जनवरी 2025 में कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के दौरान दिया था। उनके बयान को आधार बनाकर संभल की चंदौसी कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के बयान भारतीय राज्य के खिलाफ हैं और इस आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस याचिका को कमजोर आधार बताते हुए खारिज कर दिया था।
हाईकोर्ट का फैसला
ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया और याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद राहुल गांधी को राहत मिल गई है और उनके खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है।