बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों के विकास को लेकर संकल्प दोहराया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु भी शामिल हुए, जिनकी उपस्थिति से माहौल आध्यात्मिक बन गया। “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेशों का पाठ किया और समाज में शांति व सद्भाव का संदेश दिया। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। एक वक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यों का उल्लेख करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण में उनके योगदान की सराहना की और ओबीसी वर्ग को संसद में आरक्षण दिए जाने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर विचार साझा किए गए, जबकि मुख्य रूप से बुद्ध के संदेशों को अपनाने और समाज में समानता व सद्भाव को मजबूत करने पर जोर दिया गया।