मेरठ/लखनऊ। सोमवार को उत्तर प्रदेश के पांच जिलों—वाराणसी, अलीगढ़, मेरठ, आजमगढ़ और अमरोहा—में जिला न्यायालयों को बम धमकी मिलने की घटनाओं ने प्रशासन को सतर्क कर दिया। सूचना मिलते ही संबंधित कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मेरठ जिले की जिला एवं सत्र न्यायालय में धमकी मिलने के बाद वकील अपने चैंबरों से बाहर आए और कचहरी में उपस्थित लोग लौटने लगे। पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ परिसर की पूरी जांच शुरू की। सिविल लाइन थाने ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
सूचना मिली है कि यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। दो दिन पहले भी जिला जज की मेल आईडी पर इसी तरह की धमकी आई थी, जिसमें वकीलों और न्यायाधीशों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। साइबर सेल इस मामले की तह तक जांच कर रही है।
आजमगढ़ दीवानी कचहरी को भी ईमेल के माध्यम से बम धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत परिसर खाली कराया और न्यायिक कार्यवाही स्थगित कर दी। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया।
अमरोहा जिला न्यायालय को भेजे गए ईमेल में जज के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम होने का दावा किया गया और साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण रोकने की मांग की गई। इसके बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई।
अलीगढ़ दीवानी न्यायालय में भी बम की खबर से हड़कंप मच गया, लेकिन बाद में पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जिससे सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया जा रहा था।
वाराणसी कचहरी में भी धमकी मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई। जिला जज के निर्देश पर पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस घटनाओं से वकीलों और कर्मचारियों में भय का माहौल है, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी करने का आश्वासन दिया है।