भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर चर्चा में हैं। टी20 विश्व कप 2026 की जीत के जश्न के दौरान उनके कथित तौर पर राष्ट्रीय ध्वज के अनुचित प्रयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि इस घटना ने देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
हाथरस गेट थाना क्षेत्र के गांव नगला नंदू निवासी अधिवक्ता विश्वप्रताप सिंह राणा ने पुलिस अधीक्षक और केंद्रीय गृह मंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर हार्दिक पांड्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उल्लेख है कि फाइनल मैच में भारत की जीत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पांड्या को एक महिला के साथ तिरंगा ओढ़े आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। अधिवक्ता का कहना है कि यह राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीर जांच की जाएगी और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने इसे संवेदनशील मामला बताया और कहा कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं शिकायतें
इससे पहले पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने हार्दिक पांड्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। बंगलूरू और पुणे के विभिन्न पुलिस थानों में यह मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर मामला
शिकायत के अनुसार, भारत की जीत के बाद खिलाड़ियों के जश्न के कई वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो में पांड्या को कंधे पर तिरंगा लपेटकर मंच पर डांस करते और दौड़ते हुए देखा गया। वकील का आरोप है कि जश्न के दौरान एक वीडियो में पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लेटे हुए थे और उस समय भी उनके कंधे पर तिरंगा था, जो राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ है।
कानूनी आधार
वाजिद खान ने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। 1971 के राष्ट्रीय ध्वज कानून की धारा 2 के तहत इसे अपमानित करना अपराध है। हार्दिक पांड्या की कार्रवाई इस कानून के तहत गौरवपूर्ण नहीं मानी जा सकती।”