प्रयागराज। यमुनापार स्थित सीएचसी मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर लगे गंभीर आरोपों को उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अधीक्षक के स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि अस्पताल में प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों पर नियंत्रण की कमी को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के लिखित आदेश के बाद ही की जाएगी।
समाजसेवी की शिकायत पर शुरू हुई जांच
मेजा खास निवासी समाजसेवी अजयकांत ओझा ने शासन को पत्र भेजकर सीएचसी मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर और वहां तैनात आयुष चिकित्सक डॉ. रेशमा खान पर कई आरोप लगाए थे।
शिकायत में कहा गया था कि डॉ. रेशमा खान नियमित रूप से अस्पताल नहीं आतीं और सप्ताह में केवल दो से तीन दिन ही उपस्थिति दर्ज करती हैं। साथ ही ओपीडी रजिस्टर अपने पास रखने और उपस्थिति पंजिका में अग्रिम हस्ताक्षर करने जैसे आरोप भी लगाए गए।
वहीं, डॉ. शमीम अख्तर पर आरोप लगाया गया कि वे नियमित उपस्थिति को लेकर गलत जानकारी देते हैं और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतते हैं।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. रेशमा खान का स्थानांतरण फूलपुर सीएचसी कर दिया गया।
अजयकांत ओझा ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद डॉ. शमीम अख्तर ने कथित रूप से कर्मचारियों को प्रभावित कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करवाया, जबकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अभी लिखित आदेश का इंतजार
अधिकारियों के अनुसार, डॉ. शमीम अख्तर के स्थानांतरण या कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। संबंधित अधिकारी ने कहा कि आदेश मिलने के बाद ही आवश्यक अनुपालन किया जाएगा।