रायबरेली में सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को संघर्ष की राह पर डटे रहना होगा और किसी भी तरह के दबाव या भय से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह धर्म के नाम पर दिखावा कर रही है, जिसे जनता के सामने उजागर करना जरूरी है। इस बैठक में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर संभावित उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की तीन कार्यकाल वाली सरकार के दौरान मनरेगा को इस सोच के साथ आगे बढ़ाया गया था कि पंचायतों को अधिक जिम्मेदारी और वित्तीय अधिकार दिए जाएं। उनका कहना था कि उस समय लक्ष्य यह भी था कि देश के गरीब और मजदूर वर्ग को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिले, ताकि किसी को तय सीमा से कम पारिश्रमिक न दिया जा सके।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता का केंद्रीकरण करना चाहती है और निर्णय लेने की शक्ति को सीमित हाथों में सौंप रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलना केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इससे महात्मा गांधी के विचारों का अपमान हुआ है। इससे भी गंभीर बात यह है कि गरीबों को मिलने वाली सुरक्षा कमजोर की गई है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस की तीसरी सरकार की मूल सोच और उसकी बुनियाद को कमजोर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार देश की संपत्ति को चुनिंदा उद्योगपतियों तक सीमित कर रही है, जबकि कांग्रेस आम जनता के हितों की रक्षा में जुटी है।
युवा नेतृत्व पर फोकस
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने संगठन में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस पंचायत चुनावों में युवा चेहरों को आगे ला सकती है। पार्टी का मानना है कि नई सोच और ऊर्जा के साथ युवा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती देंगे।
विकास परियोजनाओं की सौगात
इस मौके पर राहुल गांधी ने क्षेत्र में 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं से स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय मुद्दों पर चर्चा
कार्यक्रमों के बाद राहुल गांधी नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पहुंचे, जहां दोनों के बीच स्थानीय विकास और नागरिक समस्याओं को लेकर बातचीत हुई। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चौपाल के जरिए राजनीतिक सक्रियता
ऊंचाहार के उमरन गांव में आयोजित मनरेगा चौपाल में भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। पंडाल पूरी तरह भरा रहा और लोगों के हाथों में नारे लिखी तख्तियां नजर आईं। 2023 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला अवसर है जब राहुल गांधी की किसी चौपाल में इतनी बड़ी भीड़ देखने को मिली।
माना जा रहा है कि इस चौपाल के जरिए राहुल गांधी न सिर्फ केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला करेंगे, बल्कि ऊंचाहार क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ भी मजबूत करेंगे। यह इलाका लंबे समय से सपा का प्रभाव क्षेत्र रहा है, जबकि भाजपा यहां अपनी जगह बनाने की कोशिश में जुटी है। राहुल गांधी द्वारा ऊंचाहार को रणनीतिक रूप से चुने जाने से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं।