लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक इस मौके पर उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य सरकार ने 11 फार्मा कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के विकास के लिए संयुक्त शोधकार्य किया जाएगा।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि कानून सभी के लिए समान है। “अगर अपना व्यक्ति भी नियम तोड़ेगा तो उसके खिलाफ वही कार्रवाई होगी, जो माफिया और अपराधियों के लिए होती है। कानून के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन कानून का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में लोगों के मन में अविश्वास और असुरक्षा थी, लेकिन अब यह स्थिति बदल चुकी है। “कानून के दायरे में रहते हुए अब हर किसी को उसके कृत्यों के अनुसार न्याय मिलेगा। अराजकता की वह स्थिति अब दूर हो चुकी है,” उन्होंने बताया।
सीएम योगी ने निवेश और विकास की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम स्तर पर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में लैंड बैंक तैयार है और ललितपुर में पहले फार्मा पार्क के लिए जमीन अधिग्रहित कर विकास कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य योजनाओं में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।