लखनऊ। प्रदेश में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर बच्चों को पेट में होने वाले कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजाल की खुराक दी जाएगी। जो बच्चे तय तिथि पर दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 13 फरवरी को आयोजित मॉप-अप राउंड में दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के राज्य महाप्रबंधक डॉ. सतीश कुमार गौतम ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रदेश के एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 9.8 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्ति दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वर्ष में दो बार, फरवरी और अगस्त माह में संचालित किया जाता है, जिसे स्वास्थ्य, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग के सहयोग से लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 जनपदों के 64 चयनित ब्लॉकों, शहरी क्षेत्रों और प्लानिंग यूनिट में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलाया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अलग से कृमि मुक्ति दिवस नहीं मनाया जाएगा, क्योंकि आईडीए अभियान के दौरान पहले ही एल्बेंडाजाल की खुराक दी जा रही है।
एल्बेंडाजाल सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को खिलाई जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों तक दवा पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी केंद्रों को दी गई है। शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में बच्चों को दवा सेवन कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा न दी जाए।
अभियान की गतिविधियों की रियल टाइम रिपोर्टिंग की जाएगी तथा विद्यालयों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। दवा सेवन के बाद कुछ बच्चों में हल्की परेशानी जैसे मतली, चक्कर या उल्टी की शिकायत हो सकती है।
किसी भी गंभीर या असामान्य स्थिति में आशा कार्यकर्ता या एएनएम से संपर्क करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से सहायता ली जा सकती है या हेल्पलाइन नंबर 104 तथा एंबुलेंस सेवा 108 पर कॉल किया जा सकता है।