फर्रुखाबाद। शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दर्शन सिंह सोलंकी न्यायालय के आदेशों का पालन न करने के मामले में अब खुद कानूनी कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार ने सात अलग-अलग मामलों में उन्हें दोषी ठहराते हुए सात दिन की कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय में आदेश सुनाए जाने के दौरान कोतवाली प्रभारी उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि छह अप्रैल तक दर्शन सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें।

मामला क्या है

फतेहगढ़ क्षेत्र में शहर कोतवाली प्रभारी पर सात मामलों में वारंट तामील कराने का आदेश पहले ही जारी किया गया था। हालांकि, उन्होंने न तो आरोपियों की गिरफ्तारी की और न ही इस संबंध में अदालत को रिपोर्ट दी। सभी संबंधित दस्तावेज़ न्यायालय के एक्शन प्लान में शामिल थे।

उच्च न्यायालय ने भी मामले का जल्द निपटान करने का आदेश दिया था, लेकिन आरोपी लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, जिससे मुकदमों की सुनवाई में देरी हो रही थी। इस पर एसीजेएम ने नोटिस जारी कर कोतवाली प्रभारी से जवाब तलब किया था

नोटिस में कहा गया था कि राज्य बनाम प्रदीप कुमार, उमेश साध बनाम महरुद्दीन अंसारी, राज्य बनाम विजय शुक्ला, राज्य बनाम फतेह सिंह, राज्य बनाम आराम सिंह, राज्य बनाम इरफान और राज्य बनाम अशरफ मामले में आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। साथ ही यह पूछा गया कि इनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं कराई गई।

कोतवाली प्रभारी के अनुपस्थित रहने पर सभी मामलों में प्रकीर्णवाद दर्ज कर दिया गया और 4 अप्रैल को सुनवाई तय की गई। शनिवार को भी दर्शन सिंह उपस्थित नहीं हुए, जिससे अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सात दिन के कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोतवाली प्रभारी को छह अप्रैल तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।