अयोध्या। किसानों को अब उर्वरक लेने के लिए सहकारी समितियों में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। सहकारिता विभाग ने बी-पैक्स समितियों के माध्यम से खाद, बीज और कीटनाशकों की होम डिलीवरी की व्यवस्था पूरी कर ली है। आगामी खरीफ 2026-27 अभियान से यह सेवा डिजिटल एप के जरिए शुरू होगी, जिससे लगभग 69,000 किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।

इस नई प्रणाली में विशेष डिजिटल एप का प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत सभी शेयरधारक किसानों का विवरण IFMS पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसमें किसान का नाम, फोटो, पता, जोत का रकबा और आवश्यक उर्वरक की जानकारी शामिल होगी। एक अप्रैल से यह डेटा एप से लिंक कर दिया जाएगा, ताकि किसान अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कर सकें।

बुकिंग के 24 घंटे के भीतर, जोत के मानक के अनुसार खाद किसान के पते पर सोसाइटी द्वारा पहुँचाई जाएगी। इस व्यवस्था से किसानों को बार-बार समिति का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल वितरण प्रणाली से पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा रही हैं।

रुदौली में 19 सहकारी समितियां कार्यरत हैं। सदस्यता अभियान के तहत 226 रुपये शुल्क जमा कर सहकारिता का शेयर खरीदने वाले किसानों का डेटा पोर्टल में डाला जा रहा है। इस बार 3,800 सदस्य बनाने के लक्ष्य के मुकाबले 3,000 किसानों को सदस्य बनाया गया है। ऑनलाइन सदस्यता प्रक्रिया अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक किसान सहकारी प्रणाली से जुड़कर खाद, ऋण, बीज अनुदान और अन्य लाभ उठा सकें।

एडीओ कोऑपरेटिव जयचंद वर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन से डिजिटल एप के माध्यम से उर्वरक वितरण लागू किया जाएगा। इसके लिए किसानों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे यह व्यवस्था सहज और सुचारु रूप से चल सके।