चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नारी शक्ति के महाअभियान – मिशन शक्ति का 6वां चरण 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। यह अभियान बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्रोत्साहित करेगा। सभी गतिविधियों की निगरानी सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी, और रियल टाइम रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। जिले और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।

19 से 26 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान

यह अभियान 19 से 26 मार्च तक चलेगा और इसमें विद्यालयों से लेकर समाज के विभिन्न हिस्सों तक नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है, साथ ही समाज में नारी सम्मान और समानता की संस्कृति को मजबूत करना भी है।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि इस दौरान विद्यालयों में पोस्टर, चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों में आत्मविश्वास और समाज में सम्मान की भावना विकसित की जाएगी। प्रदेश के 1.32 लाख विद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, रैली, भाषण, संवाद कार्यक्रम और फिल्म प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि इनमें केजीबीवी की सभी बालिकाएं भी शामिल होंगी। बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने के साथ पुलिस विभाग के सहयोग से हेल्पलाइन नंबर, साइबर अपराध और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा बालिकाओं को बैंकिंग प्रक्रिया, स्वयं सहायता समूह और सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

मिशन शक्ति के तहत हर दिन की गतिविधियाँ

  • 19 मार्च: नवदुर्गा के नौ रूपों पर आधारित पोस्टर निर्माण और नवरात्रि आधारित चर्चा

  • 20 मार्च: दुर्गा के नौ रूपों पर नुक्कड़ नाटक, बाल अधिकार और सुरक्षा से जुड़े स्लोगन सहित रैली

  • 21 मार्च: विद्यालय, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर पर बालिकाओं को प्रमुख पदों पर बैठाकर एक्सपोजर देना

  • 22 मार्च: मीना दिवस, निडर फिल्म प्रदर्शन, रैली और नुक्कड़ नाटक में जनप्रतिनिधि और अभिभावकों को शामिल करना

  • 23 मार्च: बैंक और हॉस्पिटल भ्रमण, संबंधित कौशल प्रशिक्षण की जानकारी देना

  • 24 मार्च: जिला, ब्लॉक, तहसील स्तर पर महिला अधिकारियों और ख्यातिलब्ध महिलाओं का विद्यालय भ्रमण, बालिकाओं से संवाद और आत्मरक्षा प्रशिक्षण

  • 25 मार्च: बालिकाओं को पास के थाना-कोतवाली भ्रमण कराना, हेल्पलाइन, एफआईआर और कानून की जानकारी देना

  • 26 मार्च: सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक – जेंडर स्टेरियो टाइप, बाल विवाह और महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं पर जागरूकता

यह अभियान बेटियों के आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।