गोंडा के नगला बिरखू गांव में शुक्रवार शाम करीब सात बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। खैर-टैटीगांव रोड पर घर लौट रही मासूम बहनों को तेज रफ्तार मैक्स गाड़ी ने कुचल दिया। हादसे में छवि (8) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी चचेरी बहन बुलबुल (11) गंभीर रूप से घायल हो गई। बुलबुल का इलाज जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
हादसे का मामला
पुलिस के अनुसार, लद्दाख में तैनात सेना के जवान महेश जादौन के घर की तीसरी बेटी छवि और उसकी चचेरी बहन बुलबुल शाम को मोमोज खाने के लिए घर से निकली थीं। घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर खैर-टैटीगांव रोड पर लगे रेहड़ी स्टॉल से मोमोज लेने के बाद दोनों बहनें घर लौट रही थीं, तभी तेज रफ्तार मैक्स गाड़ी उन्हें कुचलते हुए टैंटीगांव की ओर भाग गई।
पुलिस मौके पर पहुंची और छवि के शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पिता के आने का इंतजार किया जा रहा है। थाना प्रभारी सरिता सिंह ने बताया कि मैक्स गाड़ी की तलाश की जा रही है और अभी तक परिवार की ओर से तहरीर नहीं मिली है।
मासूम की जिद थी मोमोज खाने की
परिवार ने बताया कि दो जनवरी की शाम छवि अपनी मां से खाने के लिए पैसे मांगी थी। मां ने पहले मना किया, लेकिन मासूम की जिद पर उन्होंने 50 रुपये दे दिए। छवि ने अपनी चचेरी बहन बुलबुल को भी साथ चलने के लिए कहा। दोनों बहनें लगभग सौ मीटर की दूरी पर लगे रेहड़ी स्टॉल पर गईं और मोमोज खाए। घर लौटते समय हादसे का शिकार हो गईं।
परिवार में कोहराम
कक्षा दो में पढ़ने वाली छवि की मौत से उसकी मां, बड़ी बहनें गौरी (12), रिया (10) और परिवार के अन्य सदस्य टूट गए। मां बार-बार खुद को कोस रही थीं कि उन्होंने पैसे क्यों दिए। घायल बुलबुल की देखभाल के साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।
छवि और बुलबुल दोनों के परिवार में कुल चार बच्चे हैं। घायल बुलबुल के बड़े भाई गगन (14) और आनंद (13) हैं। हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और स्थानीय लोग दोनों बहनों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।