लखनऊ। प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के दूसरे चरण के तहत प्रदेश के 90 हजार लाभार्थियों के खातों में कुल 900 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई पहल की रूपरेखा पेश की है। उन्होंने कहा कि अब माफियाओं की कब्जा की हुई जमीनों को मुक्त कराकर वहां वकीलों, शिक्षकों, चिकित्सकों और पत्रकारों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने नवरात्रि और रामनवमी से पहले गरीबों को नए घर मिलने की शुभकामनाएं दीं।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आसपास के जिलों से आए लाभार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब कब्जामुक्त जमीनों पर हाई‑राइज बिल्डिंग बनाकर जरूरतमंदों को आवास देने की योजना हर जिले और नगर में लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले की सरकार केवल अपने और अपने परिवार की भलाई सोचती थी, जबकि उनकी सरकार पूरे 25 करोड़ लोगों को अपने परिवार के रूप में देखती है।
कार्यक्रम में सीएम ने मंच पर बीस लाभार्थियों को आमंत्रित कर आवास के चेक वितरित किए। इनमें लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली की महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद उन्होंने विभिन्न जिलों के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। फतेहपुर की मायादेवी से पूछा कि “आपके खाते में राशि आई या नहीं?” और गोरखपुर की मेनका से कहा कि “मकान बन जाए तो महापौर और विधायक को घर पर भोजन कराना।”
सीएम ने देवरिया की लाभार्थी से भी संवाद किया और बताया कि प्रदेश में अब तक 62 लाख परिवारों को आवास प्रदान किया जा चुका है। दूसरे चरण में सहारनपुर में 10,214, प्रतापगढ़ में 7,991, शाहजहांपुर में 4,325, फिरोजाबाद में 4,266, प्रयागराज में 3,331, जालौन में 3,174, सीतापुर में 3,078, बरेली में 3,017, गोरखपुर में 3,063, बिजनौर में 1,364, गाजियाबाद में 1,209, देवरिया में 1,138 और गोंडा में 1,121 लाभार्थियों को एक‑एक लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।
सीएम ने हल्के‑फुल्के अंदाज में कहा, “हमने धन वित्तमंत्री सुरेश खन्ना से लिया, लेकिन अब तक उनका अपना मकान नहीं बना।” इस पर हॉल में जोरदार ठहाके गूंजे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है। 2017 से पहले राशनकार्डों में गड़बड़ियां थीं, लेकिन अब पूरे प्रदेश का वितरण स्क्रीन पर निगरानी के तहत देखा जा सकता है।
सीएम ने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मजबूत किया जाएगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। प्रदेश में 1.06 करोड़ लोगों को सालाना 12,000 रुपये पेंशन दी जा रही है। साथ ही जमीन पर बनाए गए मकानों में मालिकाना हक सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.30 लाख नए उद्यमी बने हैं।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अवधी भाषा में संबोधन किया और पुरानी सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार की उपलब्धियों पर जोर दिया। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।