आईआईटी कानपुर ने बुधवार को बड़ी कामयाबी हासिल की। पांच हजार फुट की ऊंचाई से सेसना एयरक्राफ्ट की मदद से आईआईटी के ऊपर हवा में केमिकल पाउडर गिराया गया। इसके बाद कृत्रिम बारिश शुरू हो गई। नागर विमानन निदेशायल (डीजीसीए) की अनुमति के बाद परीक्षण उड़ान हुई थी। 

दरअसल, आईआईटी कानपुर ने 23 जून को क्लाउड सीडिंग के लिए एक परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक आयोजित की। यह परियोजना कुछ साल पहले शुरू की गई थी और इसका नेतृत्व आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया है।

आईआईटी कानपुर के लिए अनोखा अनुभव
आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी कानपुर ने एक यूनिक एक्पेरिमंट पूरा किया है। क्लाउड सीडिंग की टेस्टिंग सफल रही है। सेसना एयरक्राफ्ट के जरिए कृत्रिम बादल बनाए गए, जो यूएस में तैयार किया गया है।

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डीजीसीए की अनुमति से हुए सफल परीक्षण
प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि बारिश नहीं हुई क्योंकि हमने बादलों में फ्लेयर्स को फायर नहीं किया। ये उपकरण के लिए एक ट्रायल था। लेकिन ये टेस्टिंग सफल रही। अब हम अगले चरणों में क्लाउड सीडिंग चलाने के लिए तैयार हैं। यह परीक्षण डीजीसीए की अनुमति के बाद हुआ है। हम इस प्रोजेक्ट पर बीते कई सालों से काम कर रहे हैं। कोरोनाकाल की वजह से इसकी खरीद प्रक्रिया में देरी हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने कई वर्ष पहले क्लाउड सीडिंग के परीक्षण की इजाजत दे दी थी।

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