लखनऊ। बसपा के विधायक उमाशंकर के विभिन्न ठिकानों पर चार दिन तक चल रही आयकर विभाग की छापेमारी शनिवार को समाप्त हो गई। विभाग की टीमों ने इस दौरान कई कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और भूखंडों से जुड़े कागजात जब्त किए हैं। अब इन दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा।

आयकर विभाग ने बुधवार को बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक के लखनऊ, बलिया, प्रयागराज, मीरजापुर और सोनभद्र स्थित 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। यह कार्रवाई पिछले साल सीएजी की रिपोर्ट पर आधारित थी, जिसमें अवैध खनन के कारण सरकार को 60 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का खुलासा किया गया था। बताया जा रहा है कि विधायक की कंपनी कई वर्षों से खनन ठेके ले रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में लगभग 10 करोड़ रुपये नकद और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए जा चुके हैं। साथ ही मीरजापुर, बलिया और सोनभद्र में भी अवैध खनन से जुड़े मामलों की जांच पूरी कर टीमें लखनऊ लौट आई हैं।

जानकारी के अनुसार आयकर अधिकारियों ने विधायक के खनवर स्थित पैतृक आवास, फार्म हाउस, ‘छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन’ कंपनी के प्लांट, रसड़ा के स्काई होटल और अन्य स्थानों से अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। चार दिनों तक चली इस कार्रवाई में विधायक, उनके सहयोगियों और कंपनी के 100 से अधिक बैंक खातों व लॉकरों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई गई है।

आयकर विभाग ने अभी तक इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि दस्तावेजों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद विभाग विस्तृत जानकारी साझा करेगा।