असम के बारपेटा में एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और यूडीएफ पर जमकर हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले ही मैदान छोड़ चुकी है, जबकि यूडीएफ को भी असम की राजनीति से बाहर होना होगा।

उन्होंने असमवासियों से अपील की कि वे भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाएं और घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने में मदद करें। सीएम योगी ने कहा कि एनडीए का संकल्प है कि असम को “लव जेहाद-लैंड जेहाद” नहीं बनने दिया जाएगा और यहां की डेमोग्राफी को किसी भी साजिश के तहत बदला नहीं जाएगा।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि यूडीएफ असम में घुसपैठ की जननी है और कांग्रेस इसके सहयोग से असम की संस्कृति और कानून को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार हर घुसपैठिए को चिन्हित कर उसे बाहर करने की व्यवस्था कर रही है।

सीएम ने असम की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और जैव विविधता देश के गौरव का हिस्सा हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क, मां कामाख्या और अहोम राजवंश की विरासत इस भूमि को विशेष बनाती है। उन्होंने लचित बोरफुकन के साहस और असम के चाय उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि यह राज्य मेहनत और पुरुषार्थ की भूमि है।

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने भारत रत्न केवल एक परिवार तक सीमित रखा। असम के महान कलाकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न नहीं दिया गया, जबकि मोदी सरकार ने 2019 में उन्हें सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि एनडीए सरकार विकास और विरासत दोनों का सम्मान करती है, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी अराजकता, दंगा और घुसपैठ के लिए जिम्मेदार हैं।

मुख्यमंत्री ने असमवासियों से अपील की कि वे अपने हक और राज्य की संस्कृति की रक्षा करें और एनडीए के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने कहा कि यूपी की तरह असम में भी विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है।