पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से सफाई दी। चड्ढा ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि उनके खिलाफ एक संगठित अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बार-बार एक जैसी बातें और आरोप दोहराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरू में उन्होंने जवाब देने से परहेज़ किया, लेकिन झूठ बार-बार दोहराए जाने पर लोगों में सच की तरह पेश होने लगते हैं।
तीन प्रमुख आरोपों पर चड्ढा ने दिया जवाब
पहला आरोप– विपक्ष के वॉकआउट का साथ न देना:
राघव ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाया गया कि जब विपक्ष सदन से वॉकआउट करता है, तो वे वहीं बैठे रहते हैं। उन्होंने इसे “सरासर झूठ” बताते हुए कहा कि संसद के सीसीटीवी फुटेज से आसानी से यह सिद्ध किया जा सकता है कि हर वॉकआउट में वे विपक्ष के साथ मौजूद रहे।
दूसरा आरोप – चीफ इलेक्शन कमिश्नर याचिका पर साइन न करना:
चड्ढा ने कहा कि यह आरोप भी गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस याचिका पर साइन करने के लिए किसी ने नहीं कहा। इसके अलावा, पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 6-7 ने स्वयं इस याचिका पर साइन नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि याचिका पूरी होने के लिए केवल 50 साइन जरूरी थे, और कुल विपक्षी सांसदों में से 50 साइन होना पर्याप्त था।
तीसरा आरोप – मुद्दों को बेकार उठाना:
चड्ढा ने कहा कि उन पर यह आरोप भी लगाया गया कि वे डर के कारण केवल बेकार मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संसद में जनता के मुद्दे उठाना है, न कि शोर मचाना। उन्होंने जीएसटी, पानी, पंजाब के पानी की स्थिति, दिल्ली की हवा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर काम किया है। चड्ढा ने जोर देकर कहा कि उनका रिकॉर्ड स्पष्ट है और सभी झूठ को बेनकाब किया जाएगा।
राघव चड्ढा ने कहा, “मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं,” और जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें चेतावनी दी कि हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।