प्रयागराज मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित अभद्रता को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस प्रकरण पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए विवाद को समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने स्वामी जी से संगम में स्नान कर श्रद्धालुओं को संदेश देने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
केशव मौर्य ने कहा कि भाजपा की संस्कृति किसी भी संत या धर्मगुरु के अपमान की नहीं है। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मानपूर्वक प्रणाम करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने मर्यादा का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और सभी आरोपों की गहराई से पड़ताल होगी।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
इस विवाद पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और सनातन संस्कृति का अपमान किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं, यहां तक कि उन परंपराओं पर भी सवाल उठा रहे हैं जिनकी जड़ें कागज़ के अस्तित्व से भी पहले की हैं। उन्होंने दावा किया कि सनातन परंपरा को कमजोर करने की कथित कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
सपा प्रमुख ने प्रयागराज और काशी से जुड़े हालिया मामलों का हवाला देते हुए कहा कि ये घटनाएं सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक अब जनता इन मुद्दों को समझ रही है और सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ चुका है और उसका राजनीतिक पतन तय है।