उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा के दौरान पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लेते हुए भर्ती बोर्डों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, धर्म या संप्रदाय की भावनाओं और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि सभी पेपर सेटर्स को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए जाएं और यदि कोई व्यक्ति बार-बार ऐसी गलती करता पाया जाए तो उसे तुरंत प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही इस प्रकार के नियमों को पेपर सेटर्स के साथ होने वाले एमओयू में भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, एसआई भर्ती परीक्षा के पहले दिन एक सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा शुरू हो गई। प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे—सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। इन विकल्पों में से तीन शब्द किसी व्यक्ति के स्वभाव या गुण-अवगुण से जुड़े माने जाते हैं, जबकि एक विकल्प को जाति विशेष से जोड़कर देखा गया, जिस कारण विवाद खड़ा हो गया। प्रश्नपत्र सामने आते ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
बताया जा रहा है कि पुलिस उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की इस परीक्षा में कुल 5,31,765 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। वहीं भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ लखनऊ में सात मामले दर्ज किए गए हैं।
इसी बीच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आगरा से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी प्रश्नपत्र भेजकर अभ्यर्थियों से पैसे ठग रहा था। इस मामले में एसटीएफ की जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।