लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के मझगईं वन क्षेत्र में बाघ का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बेला कलां क्षेत्र में गन्ना छीलने गए 60 वर्षीय मजदूर वाजिद अली पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। आसपास के किसानों और मजदूरों की हिम्मत और शोर-शराबे की वजह से बाघ ने उन्हें छोड़कर जंगल की ओर भागा। घायल मजदूर को गंभीर हालत में पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

बेलाकलां के निवासी वाजिद अली गांव के ही अरुण सिंह के खेत में गन्ना छीलने गए थे। दोपहर के समय काम के दौरान झाड़ियों से निकलकर आए बाघ ने उन पर हमला किया और पीठ तथा हाथ पर गहरे घाव कर दिए। पास के खेतों में काम कर रहे अन्य मजदूर और किसान चीख-पुकार सुनकर हाथ में गन्ना लेकर बाघ को भगाने की कोशिश की। इस दौरान बाघ गन्ने के खेत में ओझल हो गया।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं और ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बाघ को पकड़कर आबादी से दूर भेजा जाए ताकि लोग सुरक्षित होकर खेती-बाड़ी कर सकें।

मझगईं रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पहले से ही बाघ की मौजूदगी के चलते पिंजरा लगाया गया है। शनिवार सुबह भी बाघ को देखा गया था। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और घटनास्थल पर अतिरिक्त पिंजरा लगाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को समूह में ही निकलने की सलाह दी है।