लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र के तरौना गांव में रविवार शाम लगभग साढ़े छह बजे एक हृदयविदारक घटना हुई। आठ साल की अंशिका घर से शौच के लिए निकली थी, तभी चार-पांच आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना का विवरण
तरौना गांव निवासी दिलीप कश्यप की बेटी अंशिका घर के पास ही शौच के लिए गई थी। तभी अचानक से घात लगाए बैठे कुत्तों ने उस पर हमला किया और नोचना शुरू कर दिया। आसपास से चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और किसी तरह कुत्तों को वहां से भगाया। लेकिन घायलों को अस्पताल ले जाने तक उसकी जान नहीं बच सकी।

ग्रामीणों का रोष और मांगें
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी कुत्तों के हमले की शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं हुई। नसबंदी और टीकाकरण अभियान प्रभावी ढंग से नहीं चल पाए। अंशिका की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से तुरंत विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी कराने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

भविष्य की रोकथाम के लिए कदम जरूरी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे दुखद हादसे फिर हो सकते हैं। उन्होंने आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को तुरंत प्रभावी बनाने की अपील की है।