उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा वर्ष 2026 का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया। इस बार आलिम परीक्षा के टॉप-10 में छात्राओं का दबदबा स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जबकि मुंशी/मौलवी परीक्षा में भी कई छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

आलिम परीक्षा में छात्राओं का जलवा

आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा में वाराणसी स्थित दायरातुल इस्लाह चिराग-ए-उलूम की छात्रा जुमी फरीन ने 500 में 413 अंक (82.60%) प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।

दूसरे स्थान पर वाराणसी की शाहिस्ता परवीन और अमरोहा की उम्मुल खैर रहीं, जिन्होंने 412 अंक (82.40%) प्राप्त किए। टॉप-10 सूची में वाराणसी, अमरोहा और फर्रुखाबाद के विद्यार्थियों का अच्छा प्रदर्शन रहा, जिनमें अधिकतर ने 81% से अधिक अंक हासिल किए। इस परीक्षा में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा।

मुंशी/मौलवी परीक्षा में चंदौली का दबदबा

मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) परीक्षा में चंदौली जिले के मदरसा मिस्बाहुल उलूम धनापुर के मोहम्मद वसीम ने 600 में 555 अंक (92.50%) प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।

दूसरे स्थान पर मिर्जापुर के मोहम्मद कासिम अली रहे, जबकि गोरखपुर की शायिमा परवीन तीसरे स्थान पर रहीं। टॉप-10 में गोंडा, कुशीनगर, जौनपुर, गोरखपुर और लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने भी जगह बनाई। लखनऊ की जामिया इस्लाहुल बनात की छात्रा सानिया ने 527 अंक प्राप्त कर टॉप-10 में 10वां स्थान हासिल किया।

परीक्षा परिणाम का आंकड़ा

मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) परीक्षा में कुल 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 47,036 ने परीक्षा दी और 41,426 सफल रहे। इस परीक्षा का कुल परिणाम 88.07% रहा। छात्राओं का पास प्रतिशत 91.46% जबकि छात्रों का 84.72% रहा।

आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा में 18,701 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 16,175 ने परीक्षा दी और 14,362 सफल घोषित किए गए। कुल परिणाम 88.79% रहा, जिसमें छात्राओं का सफलता प्रतिशत 90.88% और छात्रों का 86.42% दर्ज किया गया।

सरकार का बयान

अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के तहत अल्पसंख्यक छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।