लखनऊ में राज्य सरकार ने पांचवें और छठवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। इस फैसले से हजारों राज्य कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

सरकारी आदेश के अनुसार पांचवें वेतन आयोग के तहत वेतन पा रहे कर्मचारियों का डीए 9 प्रतिशत बढ़ाकर 474 से 483 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं छठवें वेतन आयोग के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ाते हुए 257 से 262 प्रतिशत कर दिया गया है।

यह संशोधित दरें मई माह के वेतन के साथ लागू होंगी और कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस वृद्धि का लाभ राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मियों और यूजीसी वेतनमान में कार्यरत उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिनके वेतनमान जनवरी 2016 के बाद संशोधित नहीं हुए हैं।

सरकार ने यह भी तय किया है कि 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक की अवधि का बकाया (एरियर) संबंधित कर्मचारियों के भविष्य निधि (GPF) खातों में जमा किया जाएगा। जिन कर्मचारियों का GPF खाता नहीं है, उनकी राशि पीपीएफ या एनएससी के माध्यम से दी जाएगी।

राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए एरियर का 10 प्रतिशत हिस्सा उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा किया जाएगा, जबकि राज्य सरकार की ओर से 14 प्रतिशत की अतिरिक्त राशि भी पेंशन खाते में जाएगी। शेष 90 प्रतिशत राशि पीपीएफ या एनएससी के रूप में दी जाएगी।

इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की सेवा आदेश जारी होने से पहले समाप्त हो चुकी है या जो अगले छह महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें पूरा एरियर नकद भुगतान के रूप में दिया जाएगा।

सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को भी बढ़ी दर से महंगाई राहत देने का आदेश लागू कर दिया है, जो केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावी होगा।