संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायसत्ती थाना क्षेत्र में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर गठित सात टीमों ने एक साथ छापेमारी कर व्यापक स्तर पर बिजली चोरी का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि अवैध कनेक्शनों के जरिए विभाग को लंबे समय से भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

भूमिगत मिनी पावर स्टेशन का पता चला

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को एक गंभीर अनियमितता का पता चला। जांच में सामने आया कि एक ही स्रोत से 50 से 60 घरों तक अवैध रूप से बिजली सप्लाई की जा रही थी। पड़ताल करने पर खुलासा हुआ कि एक व्यक्ति ने चोरी की बिजली के वितरण के लिए भूमिगत नेटवर्क के साथ एक अवैध मिनी पावर स्टेशन बना रखा था, जिससे चोरी पकड़ में आना मुश्किल हो रहा था। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले से ही मामला दर्ज किया जा चुका है।

जुर्माना और नई एफआईआर की तैयारी

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि जब्त किए गए उपकरणों और बिजली चोरी की मात्रा का आकलन कर दोषी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत एक और एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस छापेमारी के बाद क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों में खलबली मच गई है।

प्रशासन ने दो टूक कहा है कि बिजली चोरी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और सरकारी राजस्व की रक्षा हो सके।

बिजली चोरी न सिर्फ सरकारी नुकसान का कारण बनती है, बल्कि इससे आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है, क्योंकि ऐसे मामलों से बिजली आपूर्ति बाधित होती है।