कानपुर के कल्याणपुर में चल रहे अवैध किडनी रैकेट का पुलिस ने रविवार को खुलासा किया। जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड का एक युवक दस लाख रुपये में अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार हुआ, लेकिन इसी किडनी को दलाल के माध्यम से 60 लाख रुपये में बेच दिया गया। इस अवैध सौदे का पता चलते ही पुलिस ने अस्पताल में छापा मारा और मामले में दलाल, अस्पताल संचालक और डॉक्टर दंपती समेत दस लोगों को हिरासत में लिया। जांच अब क्राइम ब्रांच, रावतपुर और कल्याणपुर पुलिस कर रही है।
पुलिस के अनुसार, कल्याणपुर के आवास विकास-3 निवासी शिवम अग्रवाल ने युवक को बताया कि उसके रिश्तेदार को किडनी की जरूरत है। पैसों की जरूरत को देखते हुए युवक ने सौदे के लिए हामी भर दी। रावतपुर स्थित एक अस्पताल में ट्रांसप्लांट किया गया। इसके बाद दलाल शिवम ने इसे 60 लाख रुपये में जरूरतमंद परिवार को बेच दिया। सूत्रों के मुताबिक, किडनी बेचने वाले युवक को केवल 3.5 लाख रुपये चेक और 6 लाख रुपये नकद दिए गए। ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों को 24 घंटे अस्पताल में रखा गया, इसके बाद डोनर को कल्याणपुर के दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
अधूरी राशि को लेकर मिली शिकायत
मामले के खुलासे का आधार डोनर की शिकायत थी। उसे सिर्फ 9.5 लाख रुपये ही मिले थे और बाकी 50 हजार रुपये के लिए उसे टरकाया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिससे किडनी रैकेट का पूरा नेटवर्क सामने आया।
क्राइम ब्रांच ने देर रात दोनों अस्पतालों में छापेमारी की, जहाँ भर्ती होने के सबूत मिले। इस दौरान अस्पताल संचालक, डॉक्टर दंपती और दलाल शिवम को हिरासत में लिया गया। वहीं, किडनी लेने वाले मरीज को इलाके के दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ भी पुलिस ने छापा मारा और पांच और लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। नौबस्ता, बर्रा और पनकी क्षेत्र के अन्य अस्पतालों में भी रात भर छापेमारी की गई।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरी जांच जारी है।