यूपी चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी में संगठन को पुनर्गठित कर सकती हैं। होली के बाद संगठन में अहम बदलाव की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बार कुछ नए चेहरों को अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

विधानसभा की सभी 403 सीटों पर प्रदेश में चुनाव लड़ने वाली बसपा ने सिर्फ एक सीट जीती है। 290 सीटों पर तो पार्टी के उम्मीदवार जमानत तक नहीं बचा पाए। मायावती ने इस बाबत सफाई भी पेश की और इशारा किया कि न तो उनकी सोशल इंजीनियरिंग चल पाई और न ही मुस्लिमों ने बसपा को तवज्जो दी। मुस्लिमों ने सपा का दामन थामा तो अन्य जातियों ने भी बसपा से मुंह मोड़ लिया। अब करारी हार के और भी कारण तलाशे जा रहे हैं। संगठन की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।

बताया जा रहा है कि होली के बाद बड़ी बैठक कर उसमें नए सिरे से संगठन का विस्तार किया जाएगा। इसमें पुराने चुनिंदा लोगों को ही अहम पदों पर रखा जाएगा। वर्तमान में बसपा ने 18 मंडलों में संगठन को बांट रखा है और करीब 50 को-आर्डिनेटर तैनात किए हैं, लेकिन अब नए सिरे से संगठन के विस्तार की तैयारी है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक चुनाव हारे
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर भी मऊ विधानसभा सीट से चुनावी रण में उतरे थे लेकिन वे भी बुरी तरह से हारे और तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह पार्टी के अन्य दिग्गज भी चुनाव हार गए हैं। इन्हीं वजहों को देखते हुए संगठन में बदलाव की कवायद हो रही है।