मेरठ/बागपत। दिल्ली-खेकड़ा एलिवेटेड मार्ग पर हसनपुर गांव के पास मंगलवार सुबह घने कोहरे के चलते 20 मिनट में 25 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 35 लोग घायल हुए। घायल लोगों का इलाज मौके पर पहुंची पुलिस और एनएचएआई की टीम ने सीएचसी और निजी अस्पतालों में कराया।

कैसे हुआ हादसा
सुबह तक सड़क पर हल्का कोहरा था, लेकिन अचानक 20 मिनट के लिए घना कोहरा छा गया। इस कारण बागपत से दिल्ली की ओर जा रही दो गाड़ियों की भिड़ंत हुई। इसके बाद पीछे से आ रही गाड़ियां एक-दूसरे से टकराती रहीं और कुल 25 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

कुछ स्थानीय लोगों ने पीछे आ रही गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कोहरे और तेज गति के कारण यह सफल नहीं हो सका। घटना के समय सड़क पर चीख-पुकार मच गई और लंबा जाम लग गया

घायलों की जानकारी
घायलों में शामिल हैं: अमित कुमार (पाबला), शुभम (सोनीपत), सुभाष शर्मा (आर्यनगर बड़ौत), मोनिश (मवीकलां), कुलदीप (बासौली), कुरबान अली (सहारनपुर), आसु (कांधला), रफीक, यूसुफ, नफीश (चरथावल, मुजफ्फरनगर), समीर, शहजाद, अकरम (मुगलपुरा, बागपत), अशोक (निवाड़ा) और अन्य।

युवक को लगी चोट
सद्दाम (चरथावल, मुजफ्फरनगर) सड़क पर खड़ा होकर पीछे आ रही गाड़ियों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में उनके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

क्रेन संचालन को लेकर विवाद
हादसे के बाद दो गाड़ियां क्रेन से उठाने पर मुबस्सिर (शामली) और उनके परिवार ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साथ दो गाड़ियां उठाने से उनके वाहन में ज्यादा नुकसान हुआ।

तीन घंटे तक जाम
एलिवेटेड रोड पर क्षतिग्रस्त वाहनों की लंबी लाइन लग गई और तीन घंटे तक जाम रहा। कई लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

पुलिस का संदेश
एसपी सूरज कुमार राय ने कहा कि हादसा घने कोहरे के कारण हुआ। वाहन चालकों को कोहरे में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, सफेद पट्टी का ध्यान रखने और इंडीकेटर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।